Malad Masti 2018: A Perfect Mélange Of Power Pack Performances And Never Ending Exhilaration

December 9th, 2018, Mumbai: Mumbai’s biggest street festival, on the second Sunday witnessed an enormous congregation of more than 40,000 people.Actors like Sharad Kelkar, Yash Tonk, Play back singers Vishal Kothari and More »

The Gujrati Comedy Blockbuster – Midnights with Menka – Released On 7th Dec Turned To Make Good Collection At The Box Office

Midnights with Menka as the movie title seems to be so intriguing and attractive, so does the movie is with a Gujrati flavor in it. Coconut Motion Pictures upcoming  Gujrati Venture naming More »

Miss Mumbai Luella Fernandes Enters Bollywood With – Ek Peg Music Video

Exclusive News by Fame Media Her modeling journey has been very good. She has been working with big brands. Also doing ramp shows in India and abroad. Then she felt she should More »

Tabla Maestro Mehul Sharma – The Generation Boy On Indian Classical Music Speaks About His Kind Of Music – Exclusive Interview

The Solo Tabla program is being organized by Parampara Ek Abhivyakti in Triveni Kala Sangam, Delhi on 9th December 2018. Tabla Maestro Mehul Sharma will present his presentation. When we had a conversation with More »

ENTREPRENEUR & POLITICIAN TAJINDER SINGH TIWANA ADDED A ROYAL TOUCH TO HIS BROTHER INDER’S GRAND WEDDING WITH SERENA IN MUMBAI

And finally, the much-awaited wedding mesmerised everyone with its grandeur. Inder Singh Tiwana & Serena Anand’s wedding was an absolutely resplendent affair that was carried in the most regal manner. The groom’s parents Mrs Jaya More »

Battalion 609 – Creates An Unique Record – Bollywood Film’s Music Launched During A Cricket Match

For the first time in the history of Indian Cinema, ‘Battalion 609’ the upcoming film’s music was launched on the cricket field. This unique event took place during the break of an More »

 

Category Archives: Hindi News

Jantantrik  Lokhit Party Celebrates Sardar Patel’s Birthday as Ekta Divas who built the country in the form of unity : Anil Kumar

जनतांत्रिक लोकहित पार्टी ने एकता दिवस के रूप में मनाया सरदार पटेल की जयंती देश को एकता के सूत्र में बांधने वाले बेजोड़ शिल्‍पी थे सरदार पटेल : अनिल कुमार

5 नवंबर 2017: देश के प्रथम गृह मंत्री लौह पुरूष सरदार वल्‍लभ भाई पटेल को स्‍मृतिशेष आज जनतांत्रिक लोकहित पार्टी (जलोपा) ने उनकी जन्‍म जयंती एकता दिवस के रूप में मनाया। इस दौरान पार्टी के संस्‍थापक सह प्रदेश अध्‍यक्ष श्री अनिल कुमार ने दिनारा उच्‍च विद्यालय, रोहतास में आयोजित भव्‍य समारोह में सरदार पटेल को याद करते हुए कहा कि वे देश को एकता के सूत्र में बांधने वाले बेजोड शिल्‍प कार थे, जिन्‍होंने अखंड भारत का सपना देखा और उसे पूरा किया। उनमें विस्‍मार्क जैसी संगठन क्षमता, कौटिल्‍य जैसी राजनीतिक सूझबूझ और अब्राहम लिंकन जैसी राष्‍ट्रीय एकता के प्रति अटूट निष्‍ठा थी। उन्‍होंने देश को बिना खून – खराबे के करीब छह सौ अलग – अलग देशी रियासतों को विलय करा कर एक झंडे के नीचे लाया। ऐसे महापुरूष को जलोपा नमन करती है।

उन्‍होंने सरदार पटेल के व्‍यक्तित्‍व और कृतित्‍व की चर्चा करते हुए कहा कि वे समकालीन नेताओं में सबसे ज्‍यादा दूरदर्शी थे। तत्‍कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने उनकी सलाहों को विश्‍व नेता की अपनी छवि बनाने के चक्‍कर में अगर नहीं ठुकराया होता तो आज न चीन हमारे हजारों वर्गमील भू – भाग पर कब्‍जा करता और न अरूणाचल पर पर्दा ठोंकता रहता। कश्‍मीर समस्‍या भी पैदा नहीं होती। सैनिकों को रोज अपने जानों की आहूति नहीं देनी पड़ती। उन्‍होंने कहा कि सरकार पटेल, प्रधानमंत्री बन गए होते तो देश के किसानों, मजदूरों और युवकों को दुर्दिन का समाना नहीं करना पड़ता। भारत इतना संपन्‍न और शक्तिशाली होता कि दूसरों को इसकी ओर आंख उठाकर देखने की हिम्‍मत होती।

श्री कुमार ने देश की वर्तमान सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक हालातों पर चर्चा करते हुए कहा कि आज देश की स्थिति अत्‍यंत भयावह है। राजनेताओं की करतूत के कारण समाज के विभिन्‍न वर्गों के बीच अविश्‍वास बढ़ रहा है। लोग नेताओं को शक की निगाह से देखने लगे हैं। गरीबी और अमीरी के बीच की खाई बढती जा रही है। किसान कर्ज तले आत्‍म हत्‍या करने को मजबूर हैं। युवा रोजगार के अभाव में गलत रास्‍ता चुनने को मजबूर हें। सरकार चाहे केंद्र की हो या राज्‍य की लोगों को मूलभूत सुविधायें रोटी, कपडा और मकान उपलब्‍ध कराने के बजाय स्‍वार्थ सिद्धि के लिए उनमें जातीय एवं सांप्रदायिक भावना भड़का रहे हैं।

उन्‍होंने कहा कि ऐसी घोर निराशा की घड़ी में सरदार पटेल साहब के आदर्श और विचार अधिक प्रासंगिक हो गए हैं। उनको आत्‍म सात कर उनपर चलने से ही निराशा का अंधेरा दूर होगा। इस अवसर पर जलोपा के वरीय उपाध्‍यक्ष संजय मंडल, महिला अध्‍यक्ष डॉ स्मिता शर्मा, उपाध्‍यक्ष सुखदेव यादव, सुनिल सिंह, प्रदेश कार्यकारिणी के बद्री विशाल सिंह, रोहतास जिला अध्‍यक्ष जगत नारायण सिंह, बक्‍सर महिला जिला प्रकोष्‍ठ अध्‍यक्ष कुशावती देवी व पटेल विचार मंच के लोगों ने भी लौह पुरूष सरदार पटेल को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके विचारों को आत्‍मसात करने पर बल दिया। इस दौरान बड़ी संख्‍या में मौजूद लोगों ने सरदार पटेल के सपनों का भारत बनाने का संकल्‍प लिया।

WO MAIN NAHIN IS COMPLETE

The entire shooting of Manju Films Productions maiden venture WO MAIN NAHIN, a romantic,musical-murder-mystery  has been completed in a non-stop 20-day shooting stint recently in Bhilwara ,Mandalgarh and Jaipur locales in Rajasthan. Editing of the film is in progress in Mumbai. The film is produced by Manju Hazra and  written and directed by Ranjeet Bhattacharya. Cast: Sadiq Sheikh, Lalit Gaur, Priya Gupta, Preeti Ghosalia, Dr. Trivedi and others. DoP: Vinod Sahu. Music: Kalyan Bardhan.  Singers: Vinti Sharma,Bunty Neerav (Saregama fame),Preeti and others. Dances: Sadiq. Editor: Amit Khasera.

HASEENA  Due In October

The entire post-production work of    Harsh Dream Ventures and  Khushi Films’ HASEENA  has  been completed and the first digital print is also out. The film will be shown to the censors shortly  and the film is due for October release all over. The film is produced by Jeetendra B. Vaghadia and Vicky Ranawat and is directed by Vicky Ranawat. Co-producers: Saral Ranawat ,Chetan B. Vaghadia.   Cast:  Mohit Arora, Ankur Verma, Arpit Soni, Inayat Sharma( as Haseena), newfind Khyati Sharma, Garima Agarwal, Moushumi Malik, Gopal Chauhan, Mushtaq Khan, Anita Rawat, Manjeet Singh Bittoo(Bunty) and Master Sujal .  Writer-lyricist: Rishi Aazad..DoP: B.N. Mishra. Lyrics- Music:Shahid Bawa (U.K.), Vishnu Narayan,D.Harmony. Dances: Lollypop,Ricky Gupta. Editors: Kukku Sharma,Vinayak Solanki.  E.P.: Vinod Kumar Moolchandani. Production Manager: Meher Sethi.

फैन्स के साथ मनीष पॉल की मस्ती—अनिल बेदाग—

सितारे और उनके प्रशंसकों के बीच लुका-छिपी और मस्ती का खेल चलता रहता है। हाल ही में मनीष पॉल सलमान खान की ‘द-बंग’ वर्ल्ड टूर के लिए हांगकांग गयें थे। तब उन्होंने सोशल मीडिया के जरीये अपने फैन्स के साथ थोड़ी मस्ती करने की सोची। मनीष को उनके फैन्स प्यार से ‘टेलीविजन का सुल्तान’ कहते हैं। सोशल मीडिया पर उन्होंने अपने फैन्स के लिए एक फोटो डाली जिससे साबित हो गया कि उनकी कितनी फैनफॉलोइंग हैं। जब मनीष हांगकांग के एक रेस्टॉरंट में बैंठें हुए थे। तब उन्होंने लोकेशन को ना टैंग करते हुए अपनी एक फोटो अपने इंस्टाग्राम अकांउंट पर डाली।

इस फोटो में खास तरीके से रखें हुए बल्ब के अलावा और कुछ ज्यादा रिवील नही हुआ था। और आश्चर्य की बात यह हैं कि कुछ ही देर में उनकी कुछ फीमेल फैन्स उस रेस्टॉरंन्ट में पहूँच गयी और उन्होंने बताया कि इन्स्टाग्राम पोस्ट के जरीये उन्होंने मनीष का लोकेशन खोज निकाला। मनीष यह बात जानकर चकित रह गए और तब मनीष ने अपनेे इन फीमेल फैन्स के साथ कुछ वक्त बिताया। उनके साथ सेल्फी खिंची। सूत्रों का कहना है कि यह एक मजेदार गेम था जो मनीष ने प्रशंसकों के साथ खेला और इसके लिए उन्हें अच्छी प्रतिक्रिया मिली। मनीष मानते हैं कि यह प्रशंसकों के साथ जुड़ने का नया तरीका है।

सिद्धार्थ नागर की ‘धप्पा’ का मुहूर्त —अनिल बेदाग—

पिछले दिनों सार्थक चित्रम बैनर की फिल्म ‘धप्पा’ का मुहूर्त बॉलीवुड की जानी-मानी हस्तियों के बीच संपन्न हुआ। फिल्म के लेखक, निर्माता और निर्देशक हैं सिद्धार्थ नागर, जो इससे पहले सार्थक चित्रम बैनर के साथ अनेक फिल्मों को निर्देशित कर चुके है जिनमें से कुछ साब जी, शिक्षा एक मजबूत आधारशिला, नारी की संपूर्ण यात्रा , बहुबेटी , रंगोली, चित्रहार आदि प्रमुख हैं। इस मौके पर अभिनेता आयूब खान, बृजेंद्र काला, कंवलजीत सिंह, दीपराज राणा, सुहासिनी मुले, श्रुति उल्फत, जया भट्टाचार्य, राजू श्रेष्ठ, अविनाश सहजिवानी,मिथलेश चतुर्वेदीय डॉ अचला नागर,सावन कुमार तक,धीरज कुमार,अमिता नागिया, दीपक काजिर,राजेश पुरी, रोशनी, श्रेष्ठ कुमार और सुनैना मौजूद थे।

           

‘शब ’से होगा आशिष बिष्ट का डेब्यू—अनिल बेदाग—

माय ब्रदर निखिल, सॉरी भाई, बस एक पल और आय एम जैसे अलग तरह की बेहतरीन फिल्में बनाने वाले, राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त फिल्ममेकर ओनिर युवा चेहरों को एक मज़बूत प्लेटफॉर्म देते आए हैं। उनकी फिल्मों को फैस्टिवल्स में सराहा भी गया है इसलिए यंग टैलेंट का उनपर भरोसा भी है। अब अपनी अगली फिल्म शब के जरिए आशिष बिष्ट और अर्पिता चौधरी को रूपहले परदे पर उतार रहे हैं। दिल्ली जैसे महानगर में घटने वाली रोमांटिक-ड्रामा कहानी हैं शब।

अभिनेत्री रवीना टंडन की इसमें मुख्य भूमिका हैं। इन तीन बेहतरीन कलाकारों के अलावा फ्रेंच अभिनेता साइमन फ्रैने भी फिल्म में नजर आने वाले हैं। कुछ विचित्र परिस्थितियों में अटके हुए इन किरदारों की यह कहानी है। ओनिर के फेवरेट संगीतकार मिथुन और गीतकार अमिताभ एस वर्मा ने फिल्म का संगीत सजाया है।

ब्राईट के योगेश लखानी हाल ही में आदित्य ठाकरे ,सूरज पंचोली और मनीष मल्होत्रा से बांद्रा में हुए फुटबाल टूर्नामेंट में मिले। 

योगेश लखानी जो ब्राईट आउटडोर कंपनी के मालिक हैं ,उन्हें हर इवेंट में आमंत्रित किया जाता है। हाल ही में हुए फुटबाल टूर्नामेंट में उनकी मुलाकात आदित्य ठाकरे ,सूरज पंचोली और मनीष मल्होत्रा से हुई। योगेश लखानी को समाज सेवा और स्पोर्ट्स बहुत पसंद है।

नच बलिए 8 : पहले एपिसोड में ही छाया विक्रांत सिंह राजपूत और मोनालिसा का जलवा।

अपने आप को रोक न पाई सोनाक्षी सिन्हा,मोनालिसा-विक्रांत संग किया जम कर डांस। टीवी के चर्चित रियलिटी शो ‘बिग बॉस10’ की कंटेस्टेंट रही भोजपुरी एक्ट्रेस मोनालिसा और उनके सैयां सुपर स्टार भोजपुरी फिल्मो के सबसे स्टाइलिश एक्टर विक्रांत सिंह राजपूत इन दिनों रियलिटी शो ‘नच बलिए-8’ में अपना जलवा दिखा रहे हैं। बिग बॉस10 का सीजन अब खत्म हो चूका है और इस बार के सीजन में सेलिब्रिटी के रूप में आयी मोनालिसा पूरे सीजन चर्चा में रही,बिग बॉस के दौरान ही मोनालिसा और एक्टर विक्रांत सिंह राजपूत की शादी भी हुई थी।

 

घर से बाहर निकलकर एक तरफ जहाँ उनके पास भोजपुरी फिल्मों की बाढ़ सी आ गयी है वहीँ दूसरी तरफ उनके पास कई सारे दुसरे ऑफर्स भी आ रहे हैं। लेकिन फाइनली अब मोनालिसा और उनके पति विक्रांत सिंह राजपूत डांस रियलिटी शो ‘नच बलिये’ में अपना जलवा दिखा रहे हैं। नच बलिए के पहले एपिसोड में ही इस रोमांटिक जोड़ी का दबदबा दिखा। लैला ओ लैला गाने पर जब ये जुगल जोड़ी नाच रही थी तीनो जज अपने आपको झूमने से रोक नही पाएं। और अंत में सोनाक्षी सिन्हा से रहा न गया और सोनाक्षी ने मोना और विक्रांत संग एक भोजपुरी गीत पर जम कर डांस किया ।   —– सर्वेश कश्यप

भारतीय सेना को समर्पित फिल्मे ‘संदेश’ की स्क्री निंग संपन्न  

पटना : बीआईटी पटना के छात्रों द्वारा भारतीय सेना को समर्पित फिल्मर ‘संदेश’ की स्क्री निंग आज पटना में संपन्नस हुई। इस दौरान भातरीय प्रशासनिक सेवा के सेवानिवृत्त अधिकारी व फिल्मम क्रिटिक आर एन दास, कालिदास रंगालय के सेक्रेटरी कुमार अनुपम और बीआईटी पटना के डायरेक्ट र डॉ एस पी लाल मौजूद रहे। 20 मिनट की इस शॉर्ट फिल्मर की कहानी प्रवीर सत्यपम ने लिखी है और फिल्मए को डायरेक्ट। सीमांत प्रधान ने किया है। फिल्मर के बारे में डायरेक्टवर सीमांत प्रधान ने बताया कि यह फिल्म  वैसे लोगों की मानिसकता को दर्शाता है, जिन्हेंप लगता है कि सेना में जाना महज साधारण नौकरी करने के बराबर है।

कुछ लोग तो यहां तक क‍‍ह देते हैं कि हर एक व्यैक्ति सेना में अपनी नौकरी को अंतिम विकल्पब के रूप चुनता है। मगर इस फिल्मे के माध्ययम से हमने सेना के समर्पण, सहनशक्ति, और अपने कार्य के प्रति दृढ़ निश्चाय को दिखाने का प्रयास किया है। वहीं, प्रवीर सत्यिम ने कहा कि देशभक्ति सिर्फ हाथों में तिरंगा पकड़ कर लहरा देना नहीं है, बल्कि देशभक्ति तो वो है जिस कार्य से देशहित में उन्‍नति हो। सेना को जब कभी भी मौका मिला उन्होंकने हर बार अपने आपको सही साबित किया है। यह फिल्म उसी गलत मानसिकता को सही करने की एक पहील है। कार्यक्रम के दौरान मयंक आनंद, शिवजी पटेल, शुभंजय, और कैमरामैन सुहेश श्रेष्ठक मौजूद रहे।

उस्‍ताद बिस्मिल्‍ला खां ने राज्‍य व देश को किया गौरवान्वित : शिवचंद्र राम  

पटना, 21 मार्च 2017: मशहूर शहनाई वादक भारतरत्‍न उस्‍ताद बिस्मिल्‍ला खां ने अपनी कृ‍ति से न सिर्फ बिहार का बल्कि पूरे देश का नाम रौशन किया। डुमरांव के साधारण से गलियों से निकल कर उन्‍होंने शहनाई वादन को एक नई पहचान दी। इसलिए आज हम उनके 100वें जन्‍मदिन को ‘नमन उस्‍ताद’ कार्यक्रम के जरिए याद कर रहे हैं। उक्‍त बातें कला, संस्‍कृति एवं युवा विभाग के मंत्री श्री शिवचंद्र राम ने आज बहुउद्देशीय सांस्‍कृतिक परिसर पटना में बिहार संगीत नाटक द्वारा आयोजित  उस्‍ताद बिस्मिल्‍ला खां के जन्‍मसती समारोह के दौरान कही। इससे पहले उन्‍होंने कार्यक्रम की विधिवत शुरूआत दीप प्रज्‍ज्वलित कर किया।

श्री राम ने उस्‍ताद बिस्मिल्‍ला खां को पुष्प अर्पित करते हुए कहा कि उस्‍ताद खां आज भले हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी कीर्ति हमें आज भी गौरवान्वित होने का अवसर देती है। बिहार की माटी के सुगंध को उन्‍होंने अपनी शहनाई से दुनियां भर में फैलाया। उन्‍होंने शास्‍त्रीय संगीत के केंद्र में शहनाई वादन को स्‍थापित किया। उन्‍होंने हिंदी फिल्‍मों के अलावा मद्रासी फिल्‍मों में भी शहनाई वादन किया। भोजपुरी में उनकी ‘बाजे शहनाई अंगना’ को भला कौन भूल सकता है। उन्‍होंने कहा कि विभाग पहली बार उनकी जयंती को वृहद पैमाने पर आयोजित कर रही है, मगर राज्‍य सरकार उस्‍ताद बिस्मिल्‍ला खां के सम्‍मान में एक भव्‍य कार्यक्रम के अयोजन को उनके गृह क्षेत्र डुमरांव तक विस्‍तारित करने का काम करेगी।

कार्यक्रम की शुरूआत उस्‍ताद बिस्मिल्‍ला खां मंगल गान के साथ शुरू हुई, जिसे अर्जुन कुमार चौधरी के द्वारा बनाए गए रसन चौकी से जुड़े गया के कलाकारों ने अबरेज आलम के नेतृत्‍व में पेश किया। फिर पत्रकार, चिंतक और समाजसेवी पुरूषोत्तम ने उस्‍ताद बिस्मिल्‍ला खां के जीवन पर एक संक्षिप्‍त परिचय दिया। इसके अलावा ध्रुपद गायन और 40 मिनट की वृतचित्र कार्यक्रम का मुख्‍य आकर्षण रही। कार्यक्रम में कला, संस्‍कृति एवं युवा विभाग के अपर सचिव आनंद कुमार, बिहार संगीत नाटक अकादमी के सचिव तारानंद वियोगी, आलोक धन्‍वा, विभा सिन्‍हा,अशीष सिन्‍हा, विनय कुमार आदि उपस्थित रहे।

धीरज कुमार के सीरियल यारों का टशन में रोमांस करती दिखेगी असली पति पत्नी अनिरुद्ध दवे और शुभी आहूजा की जोड़ी.

टीवी एक्टर अनिरुद्ध दवे जो कि रुक जाना नहीं बंधन सुर्यपुत्र कर्ण जैसे शो में काम कर चुके हैं अब सब टीवी के सीरियल यारो का टशन में नजर आएंगे जिसका निर्माण किया है क्रिएटिव ऑय लिमिटेड के धीरज कुमार ने। इसमें दिलचस्प बात यह है कि वो इन दिनों काफी खुश हैं। उनकी खुशी का कारण उनकी पत्नी शुभी आहूजा हैं। क्योंकि उन्हें भी इसी शो में अपने रीयल पति के अपोजिट रोमांस करने के लिए फाइनल कर लिया गया है। जी हां आपने सही सुना। अनिरुद्ध दवे की पत्नी को उनके अपोजिट रोल के लिए साइन किया गया है यह बात उनके लिए सरप्राइज के तौर पर सामने आई। इस मामले पर बोलते हुए अनिरुद्ध ने बताया- मुझे इस बारे में कोई आइडिया नहीं था कि उसने ऑडिशन दिया है और फाइनल हुई है। हम दोनों एक सीरियल में काम करेंगे।

साक्षी द्विवेदी आगरा में भूमि फिल्म की शूटिंग करने पहुंची।

बॉलीवुड एक्टर संजय दत्त की कमबैक फिल्म भूमि की शूटिंग आगरा में धूम से चल रही है। ये फिल्म इस साल ४ अगस्त को रिलीज़ होगी। अदिति राव हैदरी जहाँ फिल्म में संजय दत्त की बेटी का किरदार कर रहीं हैं वहीँ साउथ एक्ट्रेस साक्षी एक मुख्य किरदार नज़र आएँगी।

साक्षी ने इस फिल्म की शूटिंग शुरू कर दी है.फिल्म के निर्देशक हैं उमंग कुमार। ये फिल्म एक बाप और बेटी के रिश्तों पर बन रही है। जेल से निकलने के बाद संजय दत्त की ये पहली फिल्म है।

सात दिवसीय फिल्म निर्माण कार्यशाला 03.02.2017 से

पटना, 03.02.2017 : बिहार राज्य फिल्म विकास एवं वित्त निगम लिमिटेड (कला,संस्कृति एवं युवा विभाग, बिहार) के तत्‍वावधान में सात दिवसीय फिल्म निर्माण कार्यशाला का आयोजन चार फरवरी से 10 फरवरी तक निगम मुख्‍यालय मॉरीसन भवन में किया गया है। फिल्म निर्माण कार्यशाला निगम के द्वारा 20 प्रतिभगियों का चयन किया गया है, जिसमें शशि कान्त कुमार शर्मा, सय्यद आमिर अब्बास, सीमान्त कुमार, नाज़िला ज़ैनाब, श्रुति प्रिया, राहुल कुमार, विकास कुमार, स्वस्तिक सौम्या, राजन आनंद,अभिजीत कुमार गुप्ता, जितेंद्र मोहन,अनुज कुमार रॉय, अंकित ईशान वर्मा, राजेश कुमार ऍम. एबीएस, मृत्युंजय शर्मा, अमरेश कुमार, नीरज कुमार, सय्यद एस तौहीद, नवीन कुमार, रणवीर कुमार शामिल हैं। इस दौरान बतौर विशेषज्ञ फिल्‍मकार प्रवीण कुमार चयनित प्रतिभागियों को प्रशिक्षित करेंगे। ये जानकारी फिल्म निर्माण कार्यशाला के संयोजक कुमार रवि कांत ने दी।

कुमार रवि कांत ने बताया कि बिहार राज्य फिल्म विकास एवं वित्त निगम लिमिटेड राज्‍य में फिल्‍मों के विकास के लिए तत्‍परता से काम कर रही है। इसके तहत हाल के दिनों में क्षेत्रीय फिल्‍म महोत्‍सव, इंटरनेशनल फिल्‍म महोत्‍सव, पटना फिल्‍म फेस्टिवल, सिख धर्म के दसवें गुरू गोविंद सिंह महाराज के प्रकाशेत्‍सव पर फिल्‍मोत्‍सव जैसे आयोजन किए गए। इस दौरान फिल्‍म के प्रदर्शन के बाद फिल्‍म और राज्‍य में फिल्‍म के विकास पर विस्‍तार से चर्चा की गई।

उन्‍होंने बताया कि इस फिल्म निर्माण कार्यशाला के पहले भी बिहार राज्‍य फिल्‍म विकास एवं वित्त निगम लिमिटेड ने अभिनय के लिए दो कार्यशालाओं का आयोजन किया था। अभिनय कार्यशाला में मशूहर अभिनेता व रंगकर्मी विनित कुमार ने प्रतिभागियों को अभिनय की बारिकियों से परिचय करवाया और उसके महत्‍व पर चर्चा की। इसकी कड़ी में एक बार फिर से संपूर्ण फिल्‍म के निर्माण प्रक्रिया पर ‘फिल्म निर्माण कार्यशाला’ का आयोजन किया गया है।

मिस्टर एंड मिस बॉलीवुड 2017 लांच 

फिल्म और फैशन क्षेत्र में बिहार में अपार संभावनाएं : गंगा कुमार

नया ट्रेंड स्थायपित करेगा मिस्टर एंड मिस बॉलीवुड 2017 : मनस कुमार

पटना: ‘बिहार में फिल्म और फैशन उद्योग की अपार संभावनाएं हैं। ये पिछले दिनों बिहार राज्य  फिल्मल विकास एवं वित्त निगम लिमिटेड ने राष्ट्रीाय और अंतराराष्ट्रीभय फिल्मय महोत्सनव कर साबित कर दिया है।‘ उक्त  बातें बिहार राज्य  फिल्म  विकास एवं वित्त निगम लिमिटेड के एमडी श्री गंगा कुमार ने आज मिस्टर एंड मिस बॉलीवुड 2017 के लांचिंग समारोह के दौरान बतौर मुख्यय अतिथि कही। उन्हों ने कहा कि बिहार की प्रतिभा किसी भी मामले में कम नहीं है। फिर चाहे वो फिल्म् हो, फैशन हो या फिर कला। आज जरूरत है उस प्रतिभा को सामने लाने की। ऐसे में मिस्टीर एडं मिस बॉलीवुड 2017 फैशन की दुनियां में बिहार को आगे बढ़ाएगी। ऐसे सतत प्रयास इस दिशा में काफी अच्छे बदलाव लाएंगे।

इससे पहले पटना के होटल समर्पण नेस इन् में आयोजित मिस्टर एंड मिस बॉलीवुड 2017 के लांच समारोह का उद्घाटन मुख्य अतिथि, बिहार राज्य  फिल्मे विकास एवं वित्त निगम लिमिटेड श्री गंगा कुमार और दूरदर्शन के निदेशक श्री पी एन सिंह के साथ किया । इस दौरान श्री पी एन सिंह ने इसफैशन शो के प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि पटना किसी भी मेट्रो शहर से किसी भी मायने में कम नहीं है । ये बात इस शो के माध्यम से प्रत्यक्षरूप से साबित होगी और पटना उभर कर भारत एवं विश्व के मानचित्र पर आएगा ।

वहीं, टेबलेट मीडिया इवेंट्स एंड ट्रेड फेयर सर्विसेज के चेयर मैन मनस कुमार ने मिस्टर एंड मिस बॉलीवुड 2017 के बारे में बताया कि पेट्स-2017 केअपार सफलता के बाद टेबलेट मीडिया इवेंट्स एंड ट्रेड फेयर सर्विसेज ने फ्रेंड्स क्रेएशन्स के साथ मिल कर एक अनूठे शो को लॉन्च किया । इसकाआयोजन का मुख्य  आकर्षण  है कि इसका ऑडिशन हर बड़े और मेट्रो शहर में होगा, लेकिन  इसका ग्रैंड फिनाले पटना में अप्रैल में आयोजित कियाजायेगा। शो का मकसद ज्ञान की धरती पाटलिपुत्र को विश्व स्तरीय पहचान दिलाना है ।

मनस कुमार ने बताया कि के निरंतर प्रयास से फैशन इंडस्ट्री के मशहूर फैशन कोरियोग्राफर सागर कक्कर और मशहूर मॉडल दीपिका यादव भी इसशो से जुड़ रहे हैं । तनुश्री दत्ता, नुपूर मेहता, नीतू चंद्रा, जैसी मॉडल्स को ट्रेनिंग देने वाले सागर कक्कर जहां इस शो में प्रतिभागियों को प्रशिक्षित करेंगे,वहीँ मॉडल दीपिका यादव इस शो में ब्रांड अम्बेसडर के तौर पर शिरकत करेंगी । कोलकाता, देहरादून, दिल्ली, बैंगलोर, मुम्बई जैसे देश के बड़े शहरों में ऑडिशन के बाद चुने हुए प्रतिभागियों को ग्रांड फिनाले में अपने आप  को साबित करने के मौका मिलेगा ।  शो के विजेताओं को बॉलीवुड की किसीएक फिल्म में काम करने का मौका दिया जायेगा । उन्होंंने ऑडिशन के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन शुरू हो चुका है। इक्छुक मॉडल्स अपना रजिस्ट्रेशनमिस्टर एंड मिस बॉलीवुड के वेबसाइट पर जा कर आकर सकते हैं एवं पूरी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

फ्रेंड्स क्रिएशन के बिजनेस हेड रितेश कुमार ने प्रेस को संबोधित करते हुए कहा कि अब तक होता ये आया है कि हर बड़ा शो छोटे शहरों में ऑडिशनकर के बड़े शहर में सबको ले जाकर ग्रैंड फिनाले करते हैं। लेकिन इस आयोजन के जरिए हमने ट्रेंड चेंज करने की पहल की है। इसलिए  लीक से हटकर हर बड़े शहर में ऑडिशन कर के पटना में ग्रैंड फिनाले करेंगे ताकि पटना की छवि एक मेट्रोपोलिटन शहर के तौर पर उभरे, क्योंकि पटना में एकमेट्रोपोलिटन शहर कहलाने लायक सारी खूबियां हैं।

अंत में बी आई ए के अध्यक्ष श्री राम लाल खैतान ने इस कदम की भूरी भूरी प्रशंसा करते हुए शुभकामनाएं दी और फैशन इंडस्ट्री को हर संभव मददकरने का आश्वासन दिया । मौके पर बिहार पुलिस एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री मृत्युंजय सिंह, साईं फिजियोथेरेपी के संस्थापक डॉ राजीव कुमार सिंह,पेटा के अध्यक्ष श्री रमेश अग्रवाल, अग्रणी होम्स के प्रबन्ध निदेशक श्री अलोक कुमार सिंह एवं अन्य मौजूद थे।

वैष्णवी पटवर्धन, जो मिस इंडिया की टॉप १० फाइनलिस्ट में थी, लॉ स्टूडन्ट और परोपकारी ने फिल्म ‘राजा एब्रोडिया’ साइन की।

साल २०१६ में टाइम्स ५० मोस्ट डिझाएबर वुमेन, मिस इंडिया २०१६ की टॉप १० फाइनलिस्ट, मिस एक्टीव और मिस लाइफस्टाइल, लॉ स्टूडन्ट, पर्सनल स्टाइल ब्लॉगर और परोपकारी वैष्णवी पटवर्धन ने अपनी पहली फिल्म ‘राजा एब्रोडिया’ साइन की है। जब मैंने पहली बार इस फिल्म में प्रीति के चरित्र के बारे में सुना, तो मुझे महसूस हुआ कि यह चरित्र दिल के करीब है। वैष्णवी और प्रीति के बीच कई समानताएं है। मैंने विस्तार से स्क्रिप्ट पढ़ी और प्रीति मेरा एक अहम हिस्सा बन गया। यह फिल्म पूरी तरह से मनोरजंक है और मुझे यकीन है कि हर किसी को कॉमेडी का मजा आएगा। मैंने कभी नहीं सोचा था कि मुझे इस तरह से एक अद्भुत परियोजना का हिस्सा बनने का अवसर मिलेगा।
मैं मिस इंडिया की वजह से मुंबई आई थी और मुझे यकीन नहीं था कि मेरी किस्मत मुझे यहां लेकर आएगी। मेरी पहली फिल्म इतनी खूबसूरत हो सकती है,इसके लिए मैं आभारी हूं। इस सुपर यात्रा के लिए मैं बहुत उत्साहित हूं।

 

शबला फिल्म्स प्रा.लिमिटेड बैनर के तले निर्माता-निर्देशक लखविंदर शबला फिल्म ‘राजा एब्रोडिया’ बना रहे है। फिल्म की शूटिंग भारत और जर्मनी में होगी। ‘राजा एब्रोडिया’ की रॉम कॉम स्टोरी है, जिसमें रईस है, लेकिन कम पढ़ा-लिखा लड़का है और गरीब लड़की है, लेकिन उच्च शिक्षित है। इन दोनों फैसला करते है कि विदेश जाकर नकली शादी करेंगे। फिल्म के लेखक मनी मनजींद्रर सिंह, कैमरमैन ईशान शर्मा, कास्टिंग निर्देशक दिनेसश सुदर्शन,कला निर्देशक अभिषेक रेडकर और संगीत दिया है जयदेव कुमार व मुख्तार सहोटा ने।

खय्याम ,उदित नारायण ,करन राज़दान ,उत्तम सिंह ,जयश्री टी ,राजेश्वरी सचदेव ,टीना घई और राजन ल्यालपुरी गीतकार नक़्श ल्यालपुरी के चौथे पर अँधेरी के गुंडेचा सिम्फनी दिखे।

खय्याम ,उदित नारायण ,करन राज़दान ,उत्तम सिंह ,जयश्री टी ,राजेश्वरी सचदेव ,टीना घई और राजन ल्यालपुरी गीतकार नक़्श ल्यालपुरी के चौथे पर अँधेरी के गुंडेचा सिम्फनी दिखे।

बॉलीवुड मे पहली बार “लीरा द सोल मेट” 99%  vfx के साथ 

एक्शन,ड्रामा ,सॉफ़्ट एंड ब्यूटिफुल लव स्टोरी के साथ फुल एंटरटेनमेंट एक ऐसी लव स्टोरी जो पहले कभी ना देखी गई हो ना सुनी हो एक अलग दुनिया की एक अलग सी कहानी है.इस फ़िल्म की कहानी काफी अलग है,पर क्या सही मे स्क्रिप्ट एक नये रंग मे वालीवुड को रंग पायेगी ?.2012 से इस फ़िल्म की स्क्रिप्ट पर काम किया जा रहा था आखिर 2017 मे फ़िल्म रीलीजिंग के लिये तैयार है। 27 जनवरी को आल ओवर वर्ल्ड  ट्रैलर लांच हो रहा है इस फ़िल्म को देख कर हम कह सकते है की बोलीवुड भी हॉलीवुड से कम नही है इस फ़िल्म के जितने भी सीन है वो बहूत अलग तरीके से दिखाया गया है काफी टेक्निकल तरीकों से है जो आपने पहले कभी नही देखा होगा इस फ़िल्म के डायरेक्टर सुम्नाश श्री कालजयी जी हैं इस फ़िल्म मे हर चीज़ कुछ अलग और हटके है अड़वेनचर और एकशन  भी काफी नये तरीके से दर्शाये गये है और इस फ़िल्म को बनाने मे बहुत ही मेहनत लगी है और हर चीज़ अलग दिखाई गई है जिसे देख कर दर्शको का प्यार तो बनता है “लीरा द सोलमेट” दर्शको को अपने रंग मे कितना घोल पायेगी  ये तो फ़िल्म रिलीस के बाद ही पता चल पायेगा फ़िल्म के गाने भी बहुत प्यारे है गानों मे कुछ नया रंग नज़र आयेगा और इसमे जावेद अली ,रितु पाठक और इस फ़िल्म की लीड अक्ट्रेस्स लीरा कालजयी के आवज़ मे भी इस फ़िल्म के कई गाने है जो जल्द ही रिलीस होने वाली है यहाँ पता चला है की इस फ़िल्म के डायरेक्टर काफी आडीशन के बाद 9000 लडको मे से मेहूल आडवानी मे दिखी शूम्नश श्री का कहना है मेहूल आडवानी काफी अच्छा एक्टर साबित हुआ है।

 

“आजिवासन कराओके क्लब” का आयोजन

आजिवासन संगीत अकादमी ने हाल ही में पहला “आजिवासन कराओके क्लब” का आयोजन किया जब विभिन्न शाखाओं के छात्र एक साथ आये और इस कार्यक्रम में हिस्सा लिया।​ यह संगीतमय एक ऐसा दिन रहा जब हर आयु के छात्र ने कराओके पर अपना मन पसंद गाना गया। कराओके सत्र पूर्व, संगीत की गतिविधियों में संलग्न किया गया था।​

​आजिवासन​ को इससे पहले वसंत संगीत विद्यालय के नाम से जाना जाता था, जिसे आचार्य जियालाल वसंत ने श्रीमती रामेश्वरी नेहरू के संरक्षण में 1932 में श्रीनगर में स्थापित किया था। उस समय मात्र 25 छात्रों के साथ गुरूजी ने संगीत साधना की संगीतमय यात्रा को आरंभ किया था। यह संस्थान हिन्दुस्तानी शास्त्रीय संगीत में वैज्ञानिक प्रशिक्षण देता था और छात्रों को अपने गुरू के साथ कई मौकों पर परफाॅर्म करने का अवसर मिलता था।

 

उनके बाद उनकी पुत्री प्रेम वसंत ने अपने गुरू सुरेश वाडकर के साथ गुरूजी के सपने को गुरूकुल के नाम से फिर से स्थापित करने की सोची, जहां संगीत के अभ्यर्थी संगीत प्रशिक्षण के साथ-साथ अभ्यास का लाभ भी उठा सकें। इस प्रकार सुरेश वाडकर के ​आजिवासन​ म्यूजिक अकादमी का जन्म हुआ। इसमें ​आजिवासन​ शब्द आचार्य जियालाल वसंत संगीत निकेतन से निकला है, जो गुरूजी की याद दिलाता है।

​इस साल आजिवासन संगीत प्रशिक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्टता के 84 साल पूरा करता है और 2017 आचार्य जियालाल वसंत की शताब्दी वर्ष के रूप में मना रहे हैं। जुहू में मुख्य अकादमी के अलावा इस सस्थान के मुंबई में 09, दुबई में 01 और हाल ही में अमेरिका में 01 शाखा खोली है। मुंबई की शाखाएं ठाणे, कांदिवली, प्रभादेवी, केंप्स काॅर्नर, पवई, बांद्रा , घाटकोपर, चेंबूर और सांताक्रूज़ में स्थित हैं।

आज यहां करीब 1500 छात्र-छात्राओं को हिन्दुस्तानी और पश्चिम शास्त्रीय गायकी, वाद्ययंत्रों के साथ-साथ लोकप्रिय शास्त्रीय नृत्यों जैसे कथक और भरतनाट्यम की शिक्षा वरिष्ठ एवं अनुभवी संगीत के पारखियों द्वारा दी जाती है। अन्य सभी संस्थानों से अलग खड़ा, आजिवासन हर इच्छुक प्रतिभा को समान अवसर देने में विश्वास करता है और इस प्रकार, हाल ही में विशेष छात्रों के लिए कक्षा शुरू कर दी गयी है।

अरबाज खान की हिंदी फिल्म ‘रेड अफेयर’ के गीत को अरमान मलिक ने आवाज दी .

हाल ही में हिंदी फिल्म ‘’रेड अफेयर’ के लिए ‘बरफ सी तु पिघल जा…’ यह गाना जुहू स्थित ऑडियो गैरेज स्टूडियो में रिकॉर्ड किया गया। इस गाने को युवा पीढ़ी के गायक अरमान मलिक ने आवाज दी है और गीत को संगीत से सजाया है हैरी आनंद ने। फिल्म के लेखक, गीतकार और क्रिएटिव निर्देशक सुप्रसिद्ध उपन्यासकार अमित खान है।

संगीत निर्देशक ‘हैरी आनंद’ गीत की प्रशंसा करते हुए कहा – गाने के बोल में कामुक गीतो की परिभाषा बदलने की शक्ति है। बहुत ही सभ्य और कामुक शब्द इस गीत की ताकत हैं। यह एक सुंदर गीत है और अरमान मलिक ने खूबसूरती के साथ इस गीत गाया है।

निर्माता-निर्देशक प्रदीप रंगवानी ने कहा कि जैसे ही अमित खान ने इस गीत की तर्ज सुनाई और मैं इतना प्रभावित हो गया कि तुरंत ही यह गाना फिल्म का अहम हिस्सा बन गया। म्यूजिक डायरेक्टर हैरी आनंद ने बहुत ही सुंदर और मधूर धून बनाई है। साथ ही इस गाने को अरमान मलिक की आवाज में स्वरबद्ध करने से इस गीत की ऊंचाई और ही ऊपर पहुंच गई है। इसमें कोई शक नहीं है कि अरमान की जादूई आवाज के स्पर्श से यह गीत यादगार बन गया है।

फिल्म ‘रेड अफेयर’ के एसोसिएट प्रोड्यूसर सम्राट भंभवानी ने गीत की प्रशंसा करते हुए कहा – गाने के बोल असाधारण है तो इसकी धून अप्रतिम है।अरमान मलिक की मदमोहक आवाज ने एक कारनामा किया है।अरमान मलिक खुद इस गीत से प्रभावित हो गए है और रिकॉर्डिंग करते हुए उनको यकीन था कि यह गीत हर दिल को छू सकता है।

यूवी फिल्म्स के बैनर तले फिल्म ‘रेड अफेयर’ का निर्माण हो रहा है। फिल्म के निर्माता-निर्देशक प्रदीप रंगवानी है और कलाकारों में अरबाज़ खान,मंजरी फडनिस, अश्मित पटेल, मेहेक चहल और मुकुल देव हैं। फिल्म अमित खान के उपन्यास पर आधारित है और यह उपन्यास हिंदी और इंग्लिश भाषा में फिल्म रिलीज होने के पहले रिलीज़ किया जाएगा।

सबसे पहले भारतीय डिजाइनर ब्रांड लिबास रियाज-रेशमा गांगजी की मुंबई में बीकेसी स्थित नेशनल स्टॉक एक्सचेंज में पहली घंटी बजी .

अब लिबास के रियाज गांगजी सार्वजनिक हो गए है। इसका क्या मतलब है ?  इसका मतलब है कि लिबास भारत के नेशनल स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध पाने वाले पहले भारतीय डिजाइनर लेबल बन गया है। आरंभिक पब्लिक ऑफर ६८ रुपए है,पिछले आधे दशक से लिबास ने कई भारतीय डिजाइन घरों और लेबल किया है।

जब इस बारे में रियाज से पूछा गया, तो उन्होंने इसके पीछे का कारण बताया।यदी आप लोगों को विश्वास हासिल करते है, तो कंपनी सही रूप से विकसित होती है। एक बार आपका ब्रांड टॉप पर पहुंच जाता है, तो ब्रिकी अपने आप बढ़ जाती है। बेशक, इसका मतलब यह नहीं है कि अपने उत्पाद या सेवा में कोई कसर या कमी हो। वास्तव में, अब हम सार्वजनिक रुप से सूचीबद्ध है, यहां के लोगों का ब्रांड है कि दिशा में एक बड़ी भी जिम्मेदारी है। “नए साल का चेहरा दिखाने से पहले, यह खबर सामने आने से आपका स्वागत करता हूं, खासकर जब नोटबंदी और देश में मौजूदा मुद्रा की कमी कई व्यवासायों के लिए एक भावना हतोत्साहित किया गया है, इसमें फैशन भी शामिल है।

उत्साहित होकर रियाज कहते है, मुझे लगता है कि अपने विशेष योग्यता के साथ व्यापार करने के लिए सक्षम होने के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। लोग एक बार शो खत्म होने के बाद आंकडों पर ध्यान देती है। ”

आईपीओ का शुभारंभ एक कठिन और लंबी प्रक्रिया है और 2 साल तक का उपभोग कर सकते हैं! अनुपालन और जिम्मेदारियों प्रमोटरों के कंधों छोड़ दीजिए। जब हमने रियाज गांगजी पूछा कि इस कार्य को हाथ में लेने के लिए किसने
प्रेरित किया ?  उन्होंने जवाब दिया, “बस मैं रचनात्मक हूं और मुझे संतुष्टि नहीं दे रहा था, मैं एक ऐसे स्थान पर पहुंचा हूं कि जहां देश के हर शहर में लिबास का नाम पहुंच जाए। हम एक एफएमसीजी ब्रांड की तरह कई लोगों के जीवन को छूना चाहते हैं। और ऐसा सार्वजनिक निर्गम के माध्यम से ही संभव था। ”

उनकी अर्धांगिनी और सबकुछ साथ-साथ है, खुशी की कोई सीमा नहीं है। “हम पहले से ही पुणे, मुंबई लुधियाना, दिल्ली और दुबई में हैं। हम भारत के हर टियर 1 और टियर 2 शहर में उपलब्ध होना चाहते हैं। यही कारण है कि अब यह
अंतिम योजना है “, रेश्मा गांगजी ने  कहा।

सारथी के दीपक शर्मा, एनएसईके रवि वाराणसी, राहुल रॉय, ने रेश्मा रियाज गांगजी और निशांत महीमतुरा को हार्दीक बधाई और शुभकामनाएं दी।

350वें प्रकाशोत्सव पर दिखी पीआरओ रंजन सिन्‍हा की कार्यकुशलता

पटना। सिख धर्म के दसवें तीर्थंकर श्री गुरू गोबिंद सिंह के 350वें प्रकाशोत्सव समारोह में बिहार सरकार के कला संस्‍कृति विभाग की दूरदर्शिता तथा प्रबंधन स्पष्ट रूप से पूरी दुनिया को देखने को मिली। कला संस्कृति एवं युवा विभाग द्वारा राजधानी पटना में आयोजित तमाम सांस्‍कृतिक कार्यक्रमों को मीडिया के जरिए लोगों के बीच ले जाने में रंजन सिन्‍हा का अहम योगदान रहा। पीआरओ रंजन सिन्‍हा ने कार्यक्रम संबंधी जानकारी और कार्यक्रम प्रबंधन के प्रचार-प्रसार के लिय एकमात्र चेहरे थे, जो परदे के पीछे से लगातार काम करते रहे और पूरे देश-दुनिया से पटना के इस उत्सव को अखबार, टीवी और इंटरनेट से जोड कर रखा।

भोजपुरी फिल्मों से बतौर पीआरओ (जनसम्पर्क अधिकारी) अपनी करियर की शुरूआत करने वाले रंजन सिन्‍हा को जब प्रदेश के कला, संस्कृति एवं युवा विभाग ने जनसम्पर्क तथा प्रचार प्रसार का काम जिस विश्वास से सौंपा वो पूरा होता तब दिखा, जब गुरू गोविंद सिंह का पटना में हो रहे प्रकाशोत्सव का ग्लोबल रेस्‍पांस उभर कर समाने आया। इंटरनेट वेबसाइट और सोशल मीडिया में 350वें प्रकोशात्‍सव को जिस कार्यकुशलता से प्रजेंट किया गया, उसमें रंजन सिन्‍हा और उनकी टीम की प्रतिबद्धता साफ दिखी। प्रकाशोत्सव से जुड़ी हर घटनाक्रम, फोटो और वीडियो को उनकी टीम ने शानदार तरीके से प्रस्‍तुत किया।

बता दें कि रंजन सिन्‍हा मूलत: वैशाली जिला के बिरना लखन सेन के रहने वाले हैं। आज बिहार में उनके बिना पीआर और मीडिया कवरेज बड़े स्‍तर पर संभव नहीं हो पाता है। कोई भी फिल्म स्टार अगर बिहार आता है तो अपनी लोकप्रियता को भुनाने के लिय सबसे पहले रंजन सिन्‍हा से ही सम्पर्क करता है। 500 से अधिक भोजपुरी फिल्मो का पीआर का काम का अनुभव इनके बृहद कैरियर को दर्शाता है। आज रंजन सिन्‍हा किसी परिचय का मोहताज नही है। आज रंजन सिन्‍हा युवा बिहार का एक उज्जवल चेहरा है।

दिल है हिंदुस्तानी के लिये सुखविंदर ने पहली बार गाया भोजपुरी 

प्रख्यात गायक सुखविंदर ने पहली बार किसी भोजपुरी फिल्म के लिए गाना गाया है । पिछले दिनों कंठा इंटरटेनमेंट्स और अनारा फिल्म्स के बैनर तले निर्माता करण सिंह प्रिंस और निर्देशक पराग पाटिल की फिल्म दिल है हिंदुस्तानी का पहला गाना सुखविंदर सिंह की आवाज में रिकॉर्ड किया गया । इस गाने को संगीतबद्ध किया था  विशाल मिश्रा ने जबकि गीतकार हैं प्रणव वत्स । दिल है हिंदुस्तानी में भोजपुरी की सुपर स्टार अदाकारा अनारा गुप्ता के अपोजिट नवोदित अभिनेता करण सिंह प्रिंस होंगे जो रियल लाइफ में उनके बॉय फ्रेंड हैं ।  करण सिंह प्रिंस अभिनय के मैदान में भले ही वे अब उतर रहे हैं पर ग्लैमर वर्ल्ड से उनका पुराना नाता रहा है ।

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उन्होंने कई इवेंट करवाया है इसके अलावा टी वी कलाकारों की क्रिकेट लीग बॉक्स क्रिकेट लीग में वे राउडी बंगलौर टीम के ओनर भी रह चुके हैं ।  करण सिंह प्रिंस के कई बड़े कलाकारों से नज़दीकी रिश्ते हैं । उन्होंने बताया की अभिनय और नृत्य में ट्रेनिंग के बाद ही उन्होंने इस क्षेत्र में कदम रखा है । दिल है हिन्दुस्तानी के बारे में उन्होंने बताया की यह एक प्रेम कहानी पर आधारित फ़िल्म है जिसमे मनोरंजन के सारे रंग मौजूद होंगे ।

फ्यूचर ग्रुप सेंट्रल ने भारत की फैशन स्टोर की अग्रणी श्रृंखला ६ से ८ जनवरी, २०१७ तक इन ३ दिनों के लिए निःशुल्क शॉपिंग की घोषणा की .

नया साल शुरू हो गया है और नए वर्ष २०१७ में खरीदारी करने के लिए ३ दिन का फ्री शॉपिंग सीजन शुरु हो चुका है। इसमें २०० से अधिक ब्रांड है और इसमें अविश्वसनीय छूट भी है। कपडे, फूटवेयर, हैंडबैंग, स्पोर्टवेयर, ज्वैलरी, ट्रेवल गियर, अधोवस्त्र, खिलौने, सन गॉगल्स और कई चीजों की खरीदारी कर सकते है।
३ दिनों के फ्री शॉपिंग सप्ताह में हर दुकानदार का सपना सच होने वाला है। हर कोई कपडे, फूटवेयर, हैंडबैंग, स्पोर्टवेयर, ज्वैलरी, ट्रेवल गियर,अधोवस्त्र, खिलौने, सन गॉगल्स की खरीदारी कर सकते है और इन खरीदारी का कुल मूल्य ८००० रुपए और इसके बदले सिर्फ ४००० रुपए ही देने होंगे। साथ ही ४००० रुपए के बदले २००० रुपए का फ्री गारमेंट,१५०० रुपए का फ्री श़ॉपिंग व़ॉउचर और ५०० रुपए का पे वॉलेट क्रेडिट मिलेगा। ऐसा पहली बार उपभोक्ताओं के लिए फ्री है।ये जानकारी दहिसर मॉल के स्टोर मैनेजर उमेश अग्निहोत्री ने हमें दी। मार्केटिंग मैनेज़र नेहा सिन्हा और चरणजीत मलिक ने मीडिया का इस इवेंट पे स्वागत किया। मॉडल एक्ट्रेस एकता जैन ने इन्हें शुभकामनायें दी।

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३ दिन की फ्री शॉपिंग का मौका पहली बार मिल रहा है और इसके पहले कभी भी नहीं मिला है, यही हमारा प्रयास है। सबसे अच्छा और नवीनतम विकल्पों की पेशकश करने के लिए एक प्राथमिक इरादे से शुरू किया गया है, फैशन के प्रति जागरूक उपभोक्ताओं के लिए। अब, इस ३ दिन की फ्री श़ॉपिंग में उपभोक्ताओं को सिर्फ सैकडों ब्रांडों के साथ और भी बहुत कुछ फ्री मिलने वाला है।

हृषिता भट्ट ,हेमंत पांडे ,मनोज पाहवा ,हिमानी शिवपुरी ,अनिल काबरा ,आदित्य श्रीवास्तव ,मनोज शर्मा प्रकाश इलेक्ट्रॉनिक्स फिल्म के स्पेशल स्क्रीनिंग के लिए जुहू के पीवीआर आये। 

इंडिया इ कॉमर्स के अनिल काबरा ,हिमालयन ड्रीम्स के विनी राज मोदी और निर्देशक मनोज शर्मा ने अपनी फिल्म प्रकाश इलेक्ट्रॉनिक्स के स्पेशल शो के लिए फिल्म की कास्ट ,क्रू ,मेहमान और मीडिया को जुहू के पीवीआर सिनेमा में आमंत्रित किया। हृषिता भट्ट ,हेमंत पांडे ,मनोज पाहवा ,हिमानी शिवपुरी ,आदित्य श्रीवास्तव , गीता और कई लोग फिल्म देखने आये। प्रवीण भारद्धाज ने ना केवल गीत लिखे हैं बल्कि संगीत भी दिया है। फिल्म ६ जनवरी को रिलीज़ होगी। निर्देशक मनोज शर्मा की ये दूसरी फिल्म है।

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लिबास के रियाज और रेश्मा गांगजी भारत के नेशनल स्टॉक एक्सेचेंज में सूचीबद्ध पाने वाले पहले भारतीय डिजाइनर लेबल बन गए है।

अब लिबास के रियाज गांगजी सार्वजनिक हो गए है। इसका क्या मतलब है ?  इसका मतलब है कि लिबास भारत के नेशनल स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध पाने वाले पहले भारतीय डिजाइनर लेबल बन गया है। आरंभिक पब्लिक ऑफर ६८ रुपए है,पिछले आधे शतक से लिबास ने कई भारतीय डिजाइन घरों और लेबल किया है।
जब इस बारे में रियाज से पूछा गया, तो उन्होंने इसके पीछे का कारण बताया।यदी आप लोगों को विश्वास हासिल करते है, तो कंपनी सही रूप से विकसित होती जाती है। बेशक, इसका मतलब यह नहीं है कि अपने उत्पाद या सेवा में कोई कसर या कमी हो। वास्तव में, अब हम सार्वजनिक रुप से सूचीबद्ध है, यहां के लोगों का ब्रांड है कि दिशा में एक बड़ी भी जिम्मेदारी है। ”
नए साल का चेहरा दिखाने से पहले, यह खबर सामने आने से आपका स्वागत करता हूं, खासकर जब नोटबंदी और देश में मौजूदा मुद्रा की कमी कई व्यवासायों के लिए एक भावना हतोत्साहित किया गया है, इसमें फैशन भी शामिल है।
रियाज कहते है, मुझे लगता है कि अपने विशेष योग्यता के साथ व्यापार करने के लिए सक्षम होने के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। लोग एक बार शो खत्म होने के बाद आंकडों पर ध्यान देती है। ”

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आईपीओ का शुभारंभ एक कठिन और लंबी प्रक्रिया है और 2 साल तक का उपभोग कर सकते हैं! अनुपालन और जिम्मेदारियों प्रमोटरों के कंधों छोड़ दीजिए। जब हमने रियाज गांगजी पूछा कि इस कार्य को हाथ में लेने के लिए किसने
प्रेरित किया ?  उन्होंने जवाब दिया, “बस मैं रचनात्मक हूं और मुझे संतुष्टि नहीं दे रहा था, मैं एक ऐसे स्थान पर पहुंचा हूं कि जहां देश के हर शहर में लिबास का नाम पहुंच जाए। हम एक एफएमसीजी ब्रांड की तरह कई लोगों के जीवन को छूना चाहते हैं। और ऐसा सार्वजनिक निर्गम के माध्यम से ही संभव था। ”

उनकी अर्धांगिनी और सबकुछ साथ-साथ है, खुशी की कोई सीमा नहीं है। “हम पहले से ही पुणे, मुंबई लुधियाना, दिल्ली में मौजूद हैं और शीघ्र ही दुबई में खोल रहे हैं। हम भारत के हर टियर 1 और टियर 2 शहर में उपलब्ध होना चाहते हैं। यही कारण है कि अब यह अंतिम योजना है “, रेश्मा गांगजी ने कहा।

कार्मिक कहते हैं, यह एक भारतीय डिजाइनर लेबल उम्र के लिहाज से हैं और सफलता की नई ऊंचाइयों तक पहुंचने के लिए बहुत अच्छा है। चलो आशा है कि वैश्विक कंपनियों के मानचित्र पर यह भारतीय फैशन डिजाइनर का नाम डाल दिया जाएगा। लेकिन जाहिर हैं, वहां केवल एक अग्रणी नाम हो सकता है और लिबास का नाम साबित हो गया है। हार्दिक बधाई रियाज और रेशमा गांगजी, नए साल की तरह तुम्हारी खुशी में चार चांद लग जाए।

धीरज कुमार ,तनवीर ग़ाज़ी ,साधना सरगम ,संदीप बत्रा ,सतीश सोनी ,टीना घई ,योगेन शाह ,पाल ,ब्राईट  योगेश लखानी ,लिपिका वर्मा को रिमझिम मधुर संगीत पुरस्कार से सम्मानित किया गया बोरीवली में। 

अरूप बैनर्जी जो रिमझिम मधुर संगीत पुरस्कार पिछले १५ साल से मुम्बई में करते आ रहे हैं। इस साल ये अवार्ड बोरीवली वेस्ट में किया गया जहाँ फिल्म और संगीत जगत से जुड़े लोग आये। साधना सरगम , धीरज कुमार ,गीतकार तनवीर ग़ाज़ी  , संदीप बत्रा ,टीना घई ,योगेन शाह ,पाल ,ब्राईट  योगेश लखानी ,लिपिका वर्मा और कई सम्मानित अतिथि इस अवार्ड में आये। धीरज कुमार को टीवी और फिल्म जगत में काम करने के लिए अवार्ड मिला। तनवीर ग़ाज़ी को बेस्ट गीतकार अवार्ड मिला पिंक फिल्म के लिए। योगेन शाह को बेस्ट बॉलीवुड  फोटोग्राफर अवार्ड मिला। लिपिका वर्मा को बेस्ट जर्नलिस्ट अवार्ड मिला। सतीश सोनी को बेस्ट एडिटर गुजराती पेपर सन्देश के लिए अवार्ड मिला। सुनील पाल को बेस्ट कॉमेडियन  मिला। संदीप बत्रा को बेस्ट सिंगर ऑन टीवी का अवार्ड मिला। टीना घई बेस्ट एक्ट्रेस का अवार्ड मिला और हिमांशु झुनझुनवाला  पि आर ओ का अवार्ड मिला.

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नागपुर की अर्चना चंदेल ने ब्राईट परफेक्ट मिस इंडिया २०१६ जीता जहाँ फिल्म जगत के लोग आये थे। 

 

ख़ुशी ठक्कर ,गुरुभाई ठक्कर ,ब्राईट के योगेश लखानी और श्रीनिवास राव ने जुहू के सन एंड सैंड होटल में  ब्राईट परफेक्ट मिस इंडिया २०१६ का आयोजन किया जहाँ फिल्म जगत और टीवी कलाकार ख़ास इस इवेंट के लिए आये। डिज़ाइनर अर्चना कोचर और सना खान ने इस इवेंट के लिए खास ड्रेस बनाये। शर्लीन चोपड़ा ,सलमा आगा ,साशा आगा ,मरयम ज़कारिया ,एकता जैन ,टीना घई ,स्वेता खंडूरी ,सुप्रिया मुखर्जी ,सुजॉय मुखर्जी ,तनीषा सिंह ,चंद्रकांत सिंह ,शिवाराम भंडारी ,सुनील पाल ,शबाब साबरी ,एजाज़ खान,प्रतिका राव ,गीता हरी और कई जानेमाने कलाकार इस इवेंट पे आये। इस इवेंट में संचिति संकट ,शबाब साबरी और यश वडाली ने कई गीत गाये वहीँ सुनील पाल ने आज के हालात पर चुटकुले सुनाये। पूजा मिश्रा ने न केवल इस शो ने एंकरिंग की बल्कि इस इवेंट में उसने परफॉर्म किया। नागपुर की अर्चना चंदेल ने ये ब्राईट परफेक्ट मिस इंडिया २०१६ जीता वहीँ जम्मू कश्मीर की एकता सचगोत्रा फर्स्ट रनर अप आयी और मुम्बई की कृष्णा पटेल सेकंड रनर अप आयीं।

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रीवा राठोड अपने पहले गाने एनरूट गणेशा को प्रमोट करने ज़ी ई टी सी के कोमल नाहटा के बॉलीवुड बिज़नस शो पे गयी। 

रूप कुमार राठोड की पुत्री रीवा अपने पहले गाने एनरूट गणेशा को प्रमोट करने ज़ी ई टी सी के कोमल नाहटा के बॉलीवुड बिज़नस शो पे गयी।  विश्व प्रसिद्ध बुद्ध बार लाउंज संगीत की 20 वीं वर्षगांठ पर रीवा का नए गीत ‘इनराउट गणेशा’ का समावेश हुआ है। रीवा के माता-पिता को खुशी है कि यह उनके लिए मील का पत्थर है और उसका अटूट ध्यान और संगीत की कला के प्रति समर्पण की वजह से। इस गीत का प्रचार करने रीवा अपने पिता रूप कुमार राठोड के साथ गयी।  शो में रीवा ने गीत भी गाया।  कोमल नाहटा ने रीवा को उनकी एल्बम के लिए ढेर सारी मुबारकबाद दी। 

riva-rathod

मकाउ फिल्‍म फेस्‍ट छोड़ कर आया अपने लोगों के बीच : पंकज त्रिपाठी 

पटना : अभिनेता पंकज त्रिपाठी ने कहा कि आज बिहारी लोगों की प्रतिभा को दुनियां में सराही जा रही है। मुझे बिहारी होने पर गर्व है, इसलिए मकाउ फिल्‍म फेस्टिवल छोड़कर अपने लोगों से मिलने पटना फिल्‍म फेस्टिवल में आया। मकाउ में मेरी फिल्‍म गुड़गांव की स्‍क्रीनिंग है, इसके बाद बर्लिन में भी दिखाई जाएगी। इससे ये साबित होता बिहार की प्रतिभा को इंटरनेशनल लेवल पर सम्‍मान मिल रहा है।

बिहार राज्‍य फिल्‍म विकास एवं वित्त निगम और कला संस्‍कृति विभाग, बिहार के संयुक्‍त तत्‍वावधान आयोजित पटना फिल्‍म फेस्टिवल 2016 में उन्‍होंने कहा कि बिहार सरकार और फिल्‍म विकास निगम द्वारा यह फेस्टिवल बढि़या प्रयास है। इससे यहां फिल्‍मों का माहौल बनेगा। इस तरह के आयोजन से बाहर के भी लोगों का ध्‍यान आकृष्‍ट होता है। अब पटन फिल्‍म फेस्टिवल की चर्चा मुंबई में भी होगी, जो बिहार की सिनेमा के लिए महत्‍वपूर्ण होगा।

इससे पहले पंकज त्रिपाठी ने गुरू-शिष्‍य संवाद पर आयोजित चर्चा में भाग लिया। उन्‍होंने कहा कि गुरू कोई भी हो सकते हैं। इसके अलावा हम बहुत कुछ देखकर भी सीख लेते हैं। हमारे बनने की प्रक्रिया में गुरूओं के मार्गदर्शन का अहम योगदान होता है। इस प्रक्रिया में कई गुरू मिलते है, जो जरूरी भी है। एक सवाल के जवाब में उन्‍होंने कहा कि ग्‍लोबल फिल्‍मों में भाषाई परेशानी होती है, मगर कई बार बिना शब्‍द के भी अभिनय के जरिए इमोशन को दिखाया जाता है। उड़ता पंजाब में अभिनेत्री आलिया भट्ट को ट्रेन करने का जिक्र करते हुए कहा कि आलिया काफी मेहनती हैं। मैंने उन्‍हें बस बिहार की मजदूर के बारे में कुछ गाइड किया और चंपारण के मजदूरों की खूबियां बताई जो उनके अभिनय में दिखा भी।

वहीं, गुरूवार शिष्‍य संवाद पर चर्चा करते हुए अभिनेता पंकज झा ने कहा कि गुरू हमारे जीवन में कुम्‍हार की तरह होते हैं, जो हमें एक कलात्‍मक आकार देते हैं। उन्‍होंने कहा कि जीवन में हर व्‍यक्ति अभिनय करता है। प्रतिभा सब में है। बस उन्‍हें मौका नहीं मिलता या फिर हम अपनी प्रतिभा से अंजान होते हैं। रंगकर्मी पुंज प्रकाश ने कहा कि सीखता वही है, जो सीखना चाहता है और जिससे हम सीखते हैं वो हमारे गुरू होते हैं। लंबे समय से थियेटर से जुड़े रंगकर्मी परवेज अख्‍तर ने कहा कि रंगमंच की विधा में शिल्‍प का भी महत्‍व है। सृजन के क्षेत्र में जो अपनी मौलिकता के साथ हैं, वही याद किए जाते हैं। सेंस ऑफ इंप्रोवाजेशन थियेटर की आत्‍मा है।

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उधर, रविंद्र भवन में आयोजित ओपेन हाउस डिबेट में अभिनेता कुणाल सिंह ने कहा कि भोजपुरी एक मजबूत भाषा है, जो काफी दुत्‍कार के बाद भी जिंदा है। हिंदी सिनेमा में एक दौर ऐसा था कि उन्‍होंने भोजपुरी को बाजार बनाकर उपयोग किया, लेकिन हम पिछड़ गए। मगर अब फिर से भोजपुरी सिनेमा बेहतरी की ओर अग्रसर है। फिल्‍म समीक्षक अमित कर्ण ने कहा कि भोजपुरी सिनेमा को एक हद तक डिस्‍ट्रीब्‍यूटर और एग्‍जीवीटर भी प्रभावित करते हैं। वे ही प्रोड्यूसर को फिल्‍म के कंटेंट को लेकर प्रभावित करते हैं। इसके अलावा, भोजपुरी सिनेमा की दूसरी बड़ी समस्‍या थियेटर भी है जो निम्‍न स्‍तर के होते हैं। इसलिए एक बड़ा वर्ग भोजपुरी फिल्‍मों के लिए थियेटर की ओर नहीं जाता है।

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वहीं, अंजनी कुमार ने कहा कि हर जगह, हर तरह के लोग हैं। जिनकी अपनी समझ है। मगर भोजपुरी फिल्‍मों के विकास के लिए आज साहित्‍य, थियेटर और सिनेमा पर विशेष ध्‍यान देना होगा। स्‍कूलों में ड्रामेटिक आर्ट के विषय को जोड़ना चाहिए, ताकि युवाओं को फिल्‍म के बारे में भी समझ हो। साथ ही युवा फिल्‍म मेकर शॉट और डॉक्‍यूमेंट्री फिल्‍म बनाकर यूटयूब के जरिए भी भोजपुरी सिनेमा को आगे ले जा सकते हैं। आनंद जैन ने कहा कि फिल्‍म मेकरों का काम सिर्फ समाज को देखकर फिल्‍म बनाना ही नहीं है, बल्कि फिल्‍म के जरिए लोगों को प्रशिक्षित करना भी है।

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बता दें कि पटना फिल्‍म फे‍स्टिवल 2016 के दौरान रिजेंट सिनेमा में आज अंतिम दिन सुल्‍तान, मैंगो ड्रीम्‍स और कैटस डॉंट हैव का प्रदर्शन हुआ। वहीं, रविंद्र भवन के दूसरे स्‍क्रीन पर भोजपुरी फिल्‍म जिंदगी है गाड़ी सैया ड्राइवर – बीवी खलासी, दुल्‍हा और धरती मैय्या दिखाई गई। अंत में सभी अतिथियों को बिहार राज्‍य फिल्‍म विकास एवं वित्त निगम के एमडी गंगा कुमार और फिल्‍म फेस्टिवल के संयोजक कुमार रविकांत ने शॉल और स्‍मृति चिन्‍ह देकर सम्‍मानित किया। इस दौरान बिहार राज्‍य फिल्‍म विकास एवं वित्त निगम की विशेष कार्य पदाधिकारी शांति व्रत भट्टाचार्य, अभिनेता विनीत कुमार, फिल्‍म समीक्षक विनोद अनुपम, फिल्‍म फेस्टिवल के संयोजक कुमार रविकांत, मीडिया प्रभारी रंजन सिन्‍हा मौजूद रहे। बता दें कि कल पटना फिल्‍म फेस्टिवल का समापन समारोह के दौरान पद्म विभूषण डॉ सोनल मानसिंह बिहार में 20 साल बाद परफॉर्म करेंगीं। इसेके अलावा फिल्‍म विकास में उत्‍कृष्‍ट योगदान के लिए बिहार राज्‍य फिल्‍म विकास एंव वित्त निगम द्वारा स्व अशोकचंद जैन, मोहनजी प्रसाद, राकेश पांडेय, विशुद्धानंद, कुणाल सिंह, विजय खरे, किरण कांत वर्मा, सुनील प्रसाद, जीतेन्द्र सुमन, अभय सिंह, प्रेमलता मिश्रा, कुणाल बैकुंढ़ सिंह को सम्‍मानित भी किया जाएगा।

पटना फिल्‍म फे‍स्टिवल 2016 

पटना : बिहार राज्‍य फिल्‍म विकास एवं वित्त निगम और कला संस्‍कृति विभाग, बिहार के संयुक्‍त तत्‍वावधान आयोजित पटना फिल्‍म फे‍स्टिवल 2016 के पांचवे दिन आज रिजेंट सिनेमा में लिसन अमाया, द हेड हंटर और यंग सोफी बेल फिल्‍म का प्रदर्शन हुआ। वहीं, रविंद्र भवन के दूसरे स्‍क्रीन पर भोजपुरी फिल्‍म सैंया सिपहिया, कब होई गवना हमार और खगडि़या वाली भोजी दिखाई।इसके अलावा तीसरे स्‍क्रीन पर परशॉर्ट एवं डॉक्‍यमेंट्री फिल्‍मों भी दिखाई गई।

फिल्‍म फेस्टिवल में आज बिहार में फिल्‍म मेकिंग की संभावना और फिल्‍मी गीतों में फोक इलिमेंटस विषय पर विस्‍तार से चर्चा हुई। वहीं, रविंद्र भवन में ओपन हाउस डिशकसन में भोजपुरी सुपर स्‍टार समेत अन्‍य अतिथियों ने दर्शकों के सवााल का जवाब दिया। अंत में सभी अतिथियों को बिहार राज्‍य फिल्‍म विकास एवं वित्त निगम के एमडी गंगा कुमार ने शॉल और स्‍मृति चिन्‍ह देकर सम्‍मानित किया। इस दौरान बिहार राज्‍य फिल्‍म विकास एवं वित्त निगम की विशेष कार्य पदाधिकारी शांति व्रत भट्टाचार्य, अभिनेता विनीत कुमार, फिल्‍म समीक्षक विनोद अनुपम, मनोज राणा, अजीत अकेला, फिल्‍म फेस्टिवल के संयोजक कुमार रविकांत, मीडिया प्रभारी रंजन सिन्‍हा मौजूद रहे।  कल रविंद्र भवन में दोपहर तीन बजे भोजपुरी सुपरस्‍टार रवि किशन ओपेन हाउस में लोगों से बातचीत करेंगे।

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बिहार में फिल्‍म मेकिंग की संभावनाएं 

विकास चंद्रा (यश राज कंपनी से जुड़े हैं। लिसन अमाया का संवाद लिखा) – फिल्‍म मेकिंग केे लिए बहुत सारी सुविधाओं का होना अनिवार्य है। तभी फिल्‍म मेकर आपके लोकसंस को चुनेंगे। प्रकाश झा ने बिहार की कहानी पर कई फिल्‍में बनाई, मगर उनकी लोकेसंस भोपाल, इंदौर जैसे शहर रहे, क्‍योंकि वहां उन्‍हें सारी सुविधाएं उपलब्‍ध होती हैं। फिल्‍म निर्माण के लिए स्‍थानीय तौर पर इंफ्रस्‍ट्ररक्‍चर काफी मायने रखता है। तभी निर्माता ऐसे जगहों पर फिल्‍म शूट करने के लिए तैयार होते हैं। उन्‍होंने कहा कि फिल्‍मों का कल्‍चर रातों – रात चेंज हो जाता है। इसलिए लोकेसंस के हिसाब से फिल्‍म की कहानियां भी मायने रखती हैं। स्‍थानीय कहानी से लोगों जुड़ाव होता है। इसलिए आज के दौर में किसी भी राज्‍य में फिल्‍मों के विकास इंटरनल स्‍टोरीज को समाने लाने की भी जरूरत है।

प्रवीण कुमार (अवार्ड विनिंग सिनेमा नैना जोगिन के मेकर) – फिल्‍म मेकिंग के लिए आर्थिक माहौल का होना भी जरूरी है, जो अभी बिहार में नहीं है। सत्तर के दशक तक ग्रामीण परिवेश और बिहार के कैरेक्‍टर दिखते थे। लेकिन इसके बाद बिहार में आर्थिक पतन शुरू हुआ। बेरोजगारी और पलायन बढे। इसका नुकसान सांस्‍कृतिक गतिविधियों को भी हुआ। लेकिन आज बिहार सरकार फिल्‍म पॉलिसी ला रही है। इसे प्रक्रिया को प्राथमिकता देते हुए और तेजी लाने की जरूरत है, वरना फिल्‍म पॉलिसी डॉक्‍यूमेंट में सिमट कर रह जाएगा।

मैं खुद बिहार में फिल्‍म बनाना चाहूंगा।

सुमन सिन्‍हा (रीजेंट सिनेमा के ऑनर) – आज भी कंटेंट ही सिनेमाा चलाती है। हम कंटेंट के हिसाब से तय करते हैं कि सिनेमा देखने लायक है या नहीं। एक मैथिली फिल्‍म का उदाहरण देते हुए कहा – अगर क्षेत्रीय भाषाओं की फिल्‍मों में भी मुंबई दिखाई जाएगी, तो जाहिर सी बात है लोग फिल्‍म से खुद को जोड़ नहीं पाएंगे। मैं 32 सालों से देख रहा हूं कि कंटेंट और अच्‍छी संगीत वाली फिल्‍में ही लोगों को पसंद आती है। हाल ही रिलीज फिल्‍म बेफिक्रे यश राज के स्‍टैंडर्ड से मैच नहीं करती है। इंडिया के दर्शक आज भी कंटेंट के भूखे हैं। इसलिए फिल्‍म मेकरों से गुजारिश है कि ईमानदार जिद्द के साथ कंटेंट बेस्‍ड फिल्‍म बनाएं, हम सहयोग करेंगे।

विनोछ अनुपम ( फिल्‍म समीक्षक और चर्चा के मॉडरेटर) – सिनेमा में बिहार है, मगर बिहार में सिनेमा नहीं दिखती है। हालांकि अपुष्‍ट प्रमाण के आधार पर फिल्‍म निर्माण की प्रक्रिया बिहार में पुरानी है। जब दादा साहब फाल्‍के फिल्‍म बना रहे थे, उस दौर में यहां राजदेव भी फिल्‍म निर्माण की प्रक्रियाा से जुडे थे। हिंदी सिनेमा में फिल्‍म तीसरी कसम को बिहार का प्रतिनिधि सिनेमा कहा जा सकता है। आज आर्थिक चाइलेंज भी बिहार में फिल्‍म मेकिंग की राह में एक बाधक है। इसलिए सिनेमा में बिहार भौगोलिक रूप से नहीं दिखता है, मगर स्‍क्रीन पर जरूर दिखता है।

फिल्‍मी गानों में लोक तत्‍व 

शैलेंद्र शीली (उड़ता पंजाब) – आज सिनेमा की पहचान है कि संगीत। इसलिए मेरी कोशिश होती है सकारात्‍मक गीत लिखा जाए। फोक संगीत को अगर लोगों तक पहुंचाना है तो उसका बड़ा जरिया सिनेमा ही है। लोक संगीत मेरे लिए एक सामान्‍य प्रक्रिया है। मेरे लिखे गानों में मुहावरे, लोक संगीत जैसे तत्‍व का प्रभाव रहता है। अक्‍सर अपने गानों में उर्दू और पंजाबी की झलक मिलती है। मैं लोक तत्‍व और संगीत को जीता हूं, इसलिए शायद अपने गीतों में इनका प्रभाव रोक नहीं पाता। अगर देखा जाए तो हिंदी गानों में लोकगीत के मिश्रण को लोग पसंद भी करते हैं। उन्‍होंने कहा कि बांबे में लोगों की सबसे बड़ी त्रासदी है कि उन्‍हें हिंदी नहीं आती है। हम उस दौर में हैं, जहां लोग शब्‍दकोष नहीं पलटते। बड़े – बूढों से कहानी नहीं सुनते। इसलिए आज कुछ गानों में लीक से हटे नजर आते हैं। हमें गानों को लिखते समय सिचुएशन को भी ध्‍यान में रखना होता है। वहीं, सिनेमा क्रियेटिव‍िटी के साथ कॉमर्स भी है। संगीत से बहुत पैसे आते हैं, इसलिए प्रोड्यूसर पर भी निर्भर करता है।

प्रशंत इंगोले (बाजीराव मस्‍तानी) – हिंदी सिनेमा में फोक एलिमेंट निर्भर करता है फिल्‍म की कहानी और सिचुएशन पर। आज फिल्‍मों में एक फॉर्मूलाा बन गया है आइटम, रोमांटिक, सैड और पार्टी सौंग, ताकि संगीत को बेचा जाए। म्‍यूजिक इंडस्‍ट्री किसी भी तरह के सिनेमा का फेस है। कुछ लोगों लीक से भटक जाते हैं और जबरदस्‍ती म्‍यूजिक इंसर्ट कर देते हैं। कभी – कभी ऐसा हमें मजबूरी में भी करना पड़ता है। मगर विशाल भारद्वाज, इम्तियाज अली, आशुतोष गोवारिकर, संजय लीला भंसाली जैसे निर्देशक फिल्‍मों में गानों को आसानी से जस्टिफाइ कर लेते हैं। सकारात्‍मक जिद्द होने से रचनात्‍मकता आती है। इसलिए अपने सेल्‍फ रिस्‍पेक्‍ट को छो‍डे बिना, अपने अंदाज में, उनको जो चाहिए वो देना चाहिए। एक अच्‍छे लिरिसिस्‍ट को खुद की पहचान बना कर रखनी होती है।

डॉ विनय कुमार (साहित्‍यकार) ने इस परिचर्चा में मॉडरेटर की भूमिका निभाई।

ओपेन हाउस डिशकसन

रवि किशन (भोजपुरी सुपर स्‍टार)- भोजपुरी इंडस्‍ट्री की गरिमा पर कुछ अनपढ़ लोगों की वजह से सवाल उठते हैं। लोग अध्‍ययन कम करते हैं। इसलिए अच्‍छी स्‍टोरी केे अभाव का असर भोजपुरी फिल्‍मों पर पड़ता है। इसके अलावा बजट भी एक बड़ी समस्‍या है। हालांकि भोजपुरी इंडस्‍ट्री में जुनून और जज्‍बा तो है, मगर सपोर्ट और संसाधन नहीं है। अब बिहार सरकार ने इस ओर पहल की है तो हमें इससे काफी सहायता मिलेगी। भोजुपरी में भी अच्‍छी फिल्‍में बनती है। लेकिन अब जरूरत है एक सैराट जैसी फिल्‍मों की, जो फिर से भोजपुरी के प्रति लोगों का नजरिया बदल सके। उन्‍होंने अश्‍लीलता के बारे में कहा कि दूसरी भाषाओं में भोजपुरी से भी ज्‍यादा फू‍हड़ फिल्‍में बनती है, लेकिन कोसा भोजपुरी को ही जाता है। उनकी फिल्‍मों को कला केे नजरिए से देखा जाता है। हां कुछ बेकार लोग हैं, जिसके कारण भोजपुरी सिनेमा बदनाम हुई। इसकी एक और वजह यहां ईगो की समस्‍या भी। जो भोजपुरी इंडस्‍ट्री के लिए सही नहीं कहा जा सकता है। उन्‍होंने रंगमंच में पर कहा कि अगर अभिनय के क्षेत्र में लंबे समय तक रहना है तो सबसे अच्‍छी पाठशाला रंगमंच है। एक कलाकार को अपने अभिनय के प्रति पूर्ण रूप से समर्पि‍त करना पड़ा है, तभी वे मंझे हुए अभिनेता बन सकते हैं। उन्‍होंने कहा कि अगर सिनेमा थियेटर की हालत सुधर जाए, तो यह भोजपुरी सिनेमा के लिए अच्‍छा होगा।

आनंद डी धटराज (राष्‍ट्रीय पुरूस्‍कार विजेता निर्देशक 2007) – पटना फिल्‍म फेस्टिवल में भोजपुरी फिल्‍मों को जगह मिलने से हम काफह उत्‍साहित हैं और इसके लिए सरकार और आयोजक को आभार। हम उम्‍मीद करते हैं सरकार क्षेत्रीय भाषाओं को बढ़ावा देने के लिए सिनेमा हॉल और मल्‍टीप्‍लेक्‍स में भी रियाद करेगी।

चर्चा के दाैरान विधायक और फिल्‍म निर्माता संजय यादव – हम अपनी मातृ भाषा को प्‍यार करते हैं। बॉलीवुड के बाद भोजपुरी पहली फिल्‍म है जो दस स्‍टेट से ज्‍यादा जगहों पर देखा जाता है। उन्‍होंने कहा कि हम एनालिसिस में जल्‍दबाजी करते हैं और बिना देखे ही भोजपुरी फिल्‍मों के प्रति एक समझ बना लेते हैं। यह सही नहीं है। यह सही है कि भोजपुरी भाषा के शब्‍द ही दोअर्थी होते हैं, इसलिए इसका गलत मतलब नहींं निकाला जाना चाहिए।